ईरानमा 'रिम अल-खलीज' जहाजमा बन्दी बनाइएका मिस्रका नाविकहरूको रिहाइ र मिस्र फर्कने
काहिरा - खदीजा हमुदा: पिछले कई महीनों से चले रहे विदेश मंत्रालय और विदेश में रहने वाले मिस्रियों के सहयोग के प्रयास सफल रहे, जिसके परिणामस्वरुप सोमवार को ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह में जनवरी से बंदर 'रिम अल-बहर' नामक जहाज में बंद मिस्र के नौसैनिकों की रिहाई सुनिश्चित की गई, उनकी ईरान से निकासी की व्यवस्था की गई और मिस्र वापसी में सुविधा प्रदान की गई। तेहरान में मिस्र के हित संरक्षण मिशन ने उनके देश वापसी की प्रक्रिया पूरी कर दी थी।
विदेश मंत्री और विदेश में रहने वाले मिस्रियों के सहयोग मंत्री डॉ. बद्र अब्दुल अती ने ईरानी पक्ष के साथ उच्च स्तरीय बातचीत कर मिस्र के नौसैनिकों की रिहाई के लिए प्रयास किए। साथ ही, उन्होंने ईरान में मिस्र के हित संरक्षण मिशन को सभी संभव प्रयास करने और नौसैनिकों की सुरक्षा व स्वास्थ्य की पुष्टि करने तथा उन्हें सभी प्रकार का समर्थन और सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। मिशन ने उक्त जहाज पर जाकर उनसे मुलाकात की।
विदेश मंत्री ने मंत्रालय के कूटनीतिक विभाग को नौसैनिकों के परिवारों से मुलाकात करने और उन्हें ताज़ातरीन जानकारी समय-समय पर प्रदान करने का निर्देश दिया। विदेश मंत्रालय के कूटनीतिक मामलों और विदेश में रहने वाले मिस्रियों के सहायक मंत्री अंबासडर हद्दद अल-जौहरी ने नौसैनिकों के परिवारों का मंत्रालय के कार्यालय में स्वागत किया और उन्हें मंत्रालय द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी दी, जो उनकी रिहाई और मिस्र वापसी की प्रक्रिया पूरी करने में सफल रहे।
इसके अलावा, तेहरान में मिस्र के हित संरक्षण मिशन के प्रमुख ने काहिरा की ओर रवाना होने से पहले ईरान छोड़ते समय उन दोनों से मुलाकात कर उनकी सुरक्षा व स्वास्थ्य की पुष्टि की और उन्हें सभी प्रकार का समर्थन व सहयोग प्रदान किया।