६० हजार वर्ष पहिले मानिसले ज्यामितीय आकारहरू प्रयोग गरेको देखाउने ऐतिहासिक नक्काशी
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एक नया पुरातात्विक अध्ययन से पता चला है कि ६०,००० वर्ष से अधिक पहले दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले मानवों ने शुतुरमुंड के अंडे के छिलकों पर व्यवस्थित ज्यामितीय पैटर्न उकेरे थे, जो उनके समय से पहले की योजना बनाने, आकारों को व्यवस्थित करने और अमूर्त सोचने की क्षमता की ओर इशारा करता है। सिरियन आधिकारिक समाचार एजेंसी (साना) ने वैज्ञानिक वेबसाइट 'साइंस डेली' के हवाले से बताया कि इटली की बोलोन्या विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया में पाए गए पुरातात्विक स्थलों से प्राप्त ११२ शुतुरमुंड के अंडे के छिलकों का विश्लेषण किया, और उनके अध्ययन के परिणाम 'पीएलओएस वन' (PLOS One) पत्रिका में प्रकाशित किए गए। अध्ययन से पता चला कि उकेरे गए निशान यादृच्छिक नहीं थे, बल्कि उनमें समानांतर रेखाएं, लंबवत कोण, जालीदार ढांचे और दोहराए जाने वाले व्यवस्थित आकार शामिल थे। शोधकर्ताओं ने छिलकों पर रेखाओं और कोणों की दिशा का विश्लेषण करने के लिए ज्यामितीय और सांख्यिकीय विधियों का उपयोग किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि ८० प्रतिशत से अधिक निशानों में नियमित पैटर्न थे, जबकि कुछ नमूनों में आकारों के दोहराव, घुमाव और समन्वयित पैटर्न में व्यवस्था पर आधारित अधिक जटिल डिज़ाइन शामिल थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये परिणाम इंगित करते हैं कि उस समय मानव यादृच्छिक रेखाएं नहीं खींच रहा था, बल्कि उन्हें विशिष्ट दृश्य नियमों के अनुसार व्यवस्थित कर रहा था, और संभवतः उकेरना शुरू करने से पहले ही वह अंतिम आकार की कल्पना कर रहा था। ये निशान लगभग ६०,००० वर्ष पूर्व मानव अमूर्त सोच के विकास का एक नया सबूत प्रस्तुत करते हैं और दर्शाते हैं कि निर्दिष्ट नियमों के अनुसार आकारों और प्रतीकों को व्यवस्थित करने की क्षमता मानव इतिहास के एक प्रारंभिक चरण से ही मौजूद थी।